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खून में रँगावऽ पिया

khoon mein rangavऽ piya

नरेन्द्र कुमार

नरेन्द्र कुमार

खून में रँगावऽ पिया

नरेन्द्र कुमार

और अधिकनरेन्द्र कुमार

    हमका भोजपुर से चुनरी मँगावऽ पिया।

    खून में रँगावऽ पिया ना॥

    नान्ह चिरइन के डेरा

    डाले बाज बा बसेरा

    अपने हथवा धनुहिया उठावऽ पिया।

    खून में रँगावऽ पिया ना॥

    कइके गाउँ में मुनादी

    जालिम करे बरबादी

    आपन गाउँ-गाउँ सेनवाँ बनावऽ पिया

    खून में रँगावऽ पिया ना॥

    फउज करइ बरजोरी

    बाटइ एतना छिछोरी

    माई-बहिनी के लजिया बचावऽ पिया।

    खून में रँगावऽ पिया ना॥

    पिया जाइके बजार

    हमका लाइ दऽ कटार

    चलि के साथे-साथे जुलुम मिटावऽ पिया।

    खून में रँगावऽ पिया ना॥

    गूँजइ सँउसे रणभेरी

    काँपइ रतिया अन्हेरी

    सबके हथवा मा दियना जलाव पिया।

    खून में रँगावऽ पिया ना!!

    करबइ संग-संग जोर

    उठी सगरी हिलोर

    पाठ गाउँ-गाउँ जूझइ के पढ़ावऽ पिया।

    खून में रँगावऽ पिया ना॥

    अपने मांग के सिन्दूर

    देबइ खून भरपूर

    लै के बिरवा अजादी के उगावऽ पिया।

    खून में रँगावऽ पिया ना॥

    25.10.1989

    (एनीबेसेण्ट छात्रावास, वाराणसी)

    स्रोत :
    • पुस्तक : अब होगी बरसात (पृष्ठ 72)
    • रचनाकार : नरेन्द्र कुमार
    • प्रकाशन : जन संस्कृति प्रकाशन
    • संस्करण : 1990

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