Font by Mehr Nastaliq Web

झंडाक रंग

jhanDak rang

आनन्द मोहन झा

आनन्द मोहन झा

झंडाक रंग

आनन्द मोहन झा

और अधिकआनन्द मोहन झा

    दुइए दिन बाद छैक ने

    स्वतंत्रता दिवस

    गोदरेजमे चौपेतिक' राखल

    तिरंगा निकाललहुँ

    हे भगवान

    की भेलैक!

    झंडा भ' भेल छलैक बेदरंग

    उपरका निचुलका

    दुनू रंग धोखरिक'

    पसरि गेल रहैक बिचला उजरका रंगपर

    झंडाक गति देखि लागि गेल ठकमूड़ी

    आभास भेल जेना

    चेता रहल होइक तिरंगा जे

    जँ भगवा हरियर

    रंगकेँ चढ़य देबहक उजरकापर

    त' देशक शान्ति

    ओनाहिते भ' जेतह बेदरंग

    नहि रहतह कोनो काजक

    तोहर समाज, तोहर देश

    झंडा ता धरि तिरंगा

    ता धरि राष्ट्रध्वज

    जा धरि दुनू रंग रहतह

    अपन सीमामे

    अपन मर्यादाक संग।

    स्रोत :
    • पुस्तक : ई नहि थिक हमर प्रार्थना (पृष्ठ 20)
    • रचनाकार : आनन्द मोहन झा
    • प्रकाशन : नवारम्भ, मधुबनी/पटना
    • संस्करण : 2020

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY