जातियों में बँटा हुआ देश...
jatiyon mein banta hua desh. . .
सूर्य प्रकाश शर्मा
Surya Prakash Sharma
जातियों में बँटा हुआ देश...
jatiyon mein banta hua desh. . .
Surya Prakash Sharma
सूर्य प्रकाश शर्मा
और अधिकसूर्य प्रकाश शर्मा
जातियों में बँटा हुआ देश
गठ्ठर से अलग हुई
उन लकड़ियों जैसा है
जिन्हें कोई भी चाहे
तब तोड़ सकता है
बिना किसी परेशानी के।
लेकिन हरेक लकड़ी को गुमान है
अपनी-अपनी ताक़त पर
नहीं याद रहा उसे अपने पूर्वजों का इतिहास
जिन्हें गठ्ठर से अलग हो जाने के बाद
तोड़ दिया गया था
एक-एक करके।
मैं देख रहा हूँ आने वाला गृह युद्ध
जो तबाह कर देगा
लकड़ियों के अहंकार को
और साथ ही साथ उनके अस्तित्व को भी
यहाँ नज़र आएँगे तो सिर्फ़ और सिर्फ़
गठ्ठर से बिखरी हुई लकड़ियों के
टूटे और जले हुए अवशेष।
- रचनाकार : सूर्य प्रकाश शर्मा
- प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित
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