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कहते हैं

kahte hain

अनुवाद : नीरजा जयालचंद

बेन ओकरी

अन्य

अन्य

बेन ओकरी

कहते हैं

बेन ओकरी

और अधिकबेन ओकरी

    कहते हैं

    प्रेम अंकुरित होता है

    मृत्यु के

    मंडराते

    साए में

    कहते हैं

    साहस जुट जाता है

    जब कभी प्रेम करने का भय

    ख़त्म हो जाता है

    दुश्मन के आस-पास होने के अहसास में

    दुश्मन जो इस क़दर रौंदता है

    कि हम सिर्फ़ लड़ सकते हैं

    प्रेम और साहस

    साथ-साथ पनपते हैं

    जब देह अपरिपक्व हो बेहद

    और आत्मा प्रबल

    किसी भयावह सपने के बीचों-बीच

    हम देख सकते हैं

    मुड़ी तुड़ी

    संभावना

    एक भविष्य की।

    स्रोत :
    • पुस्तक : सूखी नदी पर ख़ाली नाव (पृष्ठ 378)
    • संपादक : वंशी माहेश्वरी
    • रचनाकार : बेन ओकरी
    • प्रकाशन : संभावना प्रकाशन
    • संस्करण : 2020

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