एक विराम घड़ी और एक तोपख़ाने का नक़्शा
ek viram ghaDi aur ek topkhane ka naqsha
स्टीफन स्पेंडर
Stephen Spender
एक विराम घड़ी और एक तोपख़ाने का नक़्शा
ek viram ghaDi aur ek topkhane ka naqsha
Stephen Spender
स्टीफन स्पेंडर
और अधिकस्टीफन स्पेंडर
(सैमुअल बारबर के लिए)
एक विराम घड़ी और एक तोपख़ाने का नक़्शा।
पाँच बजे एक आदमी ज़मीन पर गिरा।
और उसकी क़लाई से घड़ी उड़ गई
जैसे पृथ्वी से आक्रांत कोई चंद्रमा—
चिह्नित करती हुई एक शून्य समय, जो आँखें फाड़े
देखता है नीचे परिवर्तन के प्रवाहों को।
'सब कुछ जैतून वृक्षों के नीचे।'
एक विराम घड़ी और एक तोपख़ाने का नक़्शा।
वह उस जगह ईमानदारी से रुका रहा
अपने जीवित साथियों से अलगाया हुआ
गोली की शक्ल वाले परकार के ज़रिये
जिसने उसके आख़िरी अकेलेपन के फ़ासलों को
और ज़्यादा चौड़ा किया।
'सब कुछ जैतून वृक्षों के नीचे।'
एक विराम घड़ी और एक तोपख़ाने का नक़्शा।
और उसकी हड्डियों का ढेर पाँच बजे
चंद्रमा की अनंतता के नीचे।
किंतु अगला जो जीवित है, वह अपने हृदय में
धारे है सदा के लिए—गोली से किया गया एक सूराख़।
'सब कुछ जैतून-वृक्षों के नीचे।'
- पुस्तक : रोशनी की खिड़कियाँ (पृष्ठ 229)
- रचनाकार : स्टीफन स्पेंडर
- प्रकाशन : मेधा बुक्स
- संस्करण : 2003
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