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छतनार

chhatnar

धूमकेतु

धूमकेतु

छतनार

धूमकेतु

और अधिकधूमकेतु

    बहुत दिनुका बाद

    एक बेर फेर

    सरिपहुँ जुड़ायल आँखि

    सरिपहुँ उमड़ि आयल हृदयमे

    पाकड़िक ठुठ्ठ गाछ

    (कहितो होइत अछि संकोच

    वयसे छोट अछि तथापि...)

    कन्हेठने हरियरीक अम्बार

    शीतल, सघन छतनार

    विशाल चतार

    जनारण्यक बीच

    तप्त धरतीमे धँसौने

    अतलतलक वीर्य

    ठाढ़ अछि निश्शंक

    पुरबा-पछबाक लपटसँ निरपेक्ष

    पोआ मनुक्खक चतुर्दिक

    अकारण अपस्याँत, सहसह

    आदतन फुफकार मारैत

    आदतन छोड़ैत गरमागरम जहरक फुहारा

    मुदा गामक सिमानपर

    ठाढ़ अछि अखनो निश्शंक

    जमौने पैर, तनने देह

    उठौने शीतल, सघन

    हरियरीक अम्बार।

    स्रोत :
    • संपादक : बालमुकुन्द
    • रचनाकार : धूमकेतु
    • प्रकाशन : ई-मिथिला
    • संस्करण : 2018

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