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चन्दा चाँदनी छिटावइ

chanda chandni chhitavai

नरेन्द्र कुमार

नरेन्द्र कुमार

चन्दा चाँदनी छिटावइ

नरेन्द्र कुमार

और अधिकनरेन्द्र कुमार

    चन्दा चाँदनी छिटावइ सुरजू किरनी बिछावइ

    मलिका विजुरी जरावै चकाचौध मितवा—

    नाहीं अंगना तोहार ओंजरार मितवा॥

    मह-मह महकइ लाग बयरिया

    तोहरे गउना भरी अन्हेरिया

    मचइ महला में रोजइ गुलजार मितवा॥ नाहीं...

    कोइली गावइ लाग विरहिया

    फहरइ धानी रंगी चुनरिया

    मरइँ रोटी बिन ललनवाँ तोहार मितवा॥ नाहीं...

    नाहीं बरसीं बरखा रानी

    रोवइँ मंगरू भूख कहानी

    गावइँ सेठवे मगन होइ मल्हार मितवा॥ नाहीं...

    अँसुआ ढुरका जाइ नयनवाँ

    रोवइँ माई बइठि सिरहनवाँ

    मारइँ केसे कफन के गुहार मितवा॥ नाहीं...

    रोजइ द्रोपती लाज गवावइँ

    कौनउ कान्हा आज आवइँ

    बाँटउ बहिनौ के बरछी-कटार मितवा॥ नाहीं...

    छलिगये जीति-जीति सब नेतवा

    कुर्सी थामि देखावइँ ठेंगवा

    सबइ नैयवा डुबावइँ मजधार मितवा॥ नाहीं...

    जागउ-छात्र-मजूर किसान

    तोहरी धरती अबइ गुलाम

    गहउ मुक्ती के सबइ अवजार मितवा॥

    नाहीं अंगना तोहार ओंजरार मितवा॥

    (1982 इलाहाबाद)

    स्रोत :
    • पुस्तक : अब होगी बरसात (पृष्ठ 69)
    • रचनाकार : नरेन्द्र कुमार
    • प्रकाशन : जन संस्कृति प्रकाशन
    • संस्करण : 1990

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