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बुलेटप्रूफ मंच

buletapruph manch

सुमित मिश्र गुंजन

सुमित मिश्र गुंजन

बुलेटप्रूफ मंच

सुमित मिश्र गुंजन

और अधिकसुमित मिश्र गुंजन

    एक दिस

    वतानुकूलित बुलेटप्रूफ मंच सँ

    कयल जाइत अछि

    विकासक शंखनाद

    ओतहि, दोसर दिस

    किसानक खेत मे

    ह’र नहि तरुआरि चलैत अछि

    धन्य अछि देश!

    नीति-निर्माता लोकनि केँ

    नहि होइत छनि अंदाज

    जे केहन होइत अछि भूखल पेटक आगि?

    साले-साल

    भसियाइत भविष्य केँ देखबाक लेल

    कतेक कठोर कर' पड़ै छै हृदय?

    ए.सी. चैम्बर मे

    गद्देदार सोफा पर बैसि

    आगाँ मे राखल

    कॉफी फ्राइ काजूक सुआद लैत

    तथाकथित भारतक भाग्य-विधाता

    करै छथि वार्त्ता

    गरीब गरीबीक उन्मूलन लेल

    गरीब लोक—

    जकर कतेको पीढ़ी

    साटैत रहलए चेफड़ी

    फाटल अकास मे

    जकरा लग

    ने घर, ने खेत ने उमेद

    किछु नहि बाँचल अछि

    हे मालिक!

    जँ चिखबाक अछि गरीबीक सुआद

    बुझबाक अछि गरीबक बात

    तहन

    अपन वातानुकूलित भवन सँ निकलि

    उतर' पड़त थाल मे

    बुझ' पड़त—

    माटि थाल-कादो मे

    ठाढ़ भेल लोक केँ

    नहि देखाइ पड़ैत अछि

    'बुलेटप्रूफ मंच'!

    स्रोत :
    • पुस्तक : पेटकुनियाँ लधने प्रश्न (पृष्ठ 75)
    • रचनाकार : सुमित मिश्र गुंजन
    • प्रकाशन : नवारम्भ, पटना/मधुबनी
    • संस्करण : 2024

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