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आत्महत्या

atmahatya

सुमित मिश्र गुंजन

और अधिकसुमित मिश्र गुंजन

    अपने चुनल सरकार द्वारा बनाओल गेल

    विधनाक हाथक कठपुतरी

    करजा मे जीयबाक हिस्सक केँ जोगबैत

    दराड़ि फाटल खेतक आरि पर बैसल किसान

    बड़ उमेद सँ तकैत अछि

    अकास दिस

    जेना कि कोनो नवयौवना

    परदेसियाक करैत अछि प्रतीक्षा

    तहिना

    आँखि पाथने अछि

    अरदरा नक्षत्र लेल

    बदराक देह सँ चूबैत पानि

    तृप्त क' सकैत अछि

    निराशाक काँट सँ बेधल ओकर मोन

    मुदा

    माथक ऊपर सँ

    उड़ियाइत रहैत अछि बदरा

    नहि होइ छै मिसियो भरि दरेग

    दूर बुढ़बा जामुनक इरोत सँ

    मुड़ियारी दैत सुरुज केँ देखि

    सन्हिया जाइत अछि आर निराशा

    कतय सँ चुकता हेतै महाजनक करजा?

    सरकारक लोन

    कोना चलतै घर?

    छराओल जेतै चार

    जोड़ा लागतै बड़द

    कोन विधिये हेतैक

    दू गोट कुमारि बेटीक बियाह?

    एहन समय मे

    सहजहि कयल जा सकैत अछि आत्महत्या

    फँसरी लगेबाक लेल प्रसिद्ध

    पुरनी गाछीक सखुआ केँ

    एक बेर फेर सँ

    कयल जा सकैत अछि उपयोग

    बढ़ाओल जा सकैत अछि ओकर 'कु-प्रसिद्धि'।

    स्रोत :
    • पुस्तक : पेटकुनियाँ लधने प्रश्न (पृष्ठ 27)
    • रचनाकार : सुमित मिश्र गुंजन
    • प्रकाशन : नवारम्भ, पटना/मधुबनी
    • संस्करण : 2024

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