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अश्व-प्रशिक्षणशाला में

ashv prshikshanshala mein

अनुवाद : रमेश कौशिक

मिरयाना बाशेवा

मिरयाना बाशेवा

अश्व-प्रशिक्षणशाला में

मिरयाना बाशेवा

और अधिकमिरयाना बाशेवा

    (एक अभिनेता का स्वभाषण)

    बहनो और भाइयो

    मेरी प्रेयसी

    मित्रो

    और माँ, नमस्कार।

    अश्व-प्रशिक्षणशाला में

    एक विशेष प्रदर्शन

    आपके लिए—

    विरोधाभासों का एक ड्रैगन।

    अश्व-प्रशिक्षणशाला में—

    आपका अत्यंत अपना

    मैं—

    कोई और नहीं।

    आपका अत्यंत अपना—

    आज की इस रूपहली रात में सब कुछ।

    एक रत्न

    एक गुड़िया

    एक टॉफी।

    अश्व-प्रशिक्षणशाला में

    सम्माननीय दर्शकों के लिए—

    आपका अत्यंत अपना

    छैला-बाँका

    माँ,

    मैं नहीं जानता

    मैं कभी खेला हूँ अच्छा खेल

    निस्संदेह

    यह सब परिवार की बात है।

    क्या तुम मुझे सुनती हो

    डैश, डॉट, डैश...

    मेरा बचपन बुलाकर

    क्या मेरी तुम सहायता करोगी।

    मित्रो

    तुम्हारे लिए मैं

    थियेटर के शिखर तक पहुँचूँगा—

    स्वयं सलीब पर चढूँगा।

    और तुम देखना

    बिना किसी शोक के।

    क्यों

    अश्व प्रशिक्षणशाला में

    नहीं है मित्र कोई

    सिवाय तुम्हारे

    एक मरियल घोड़े पर...

    ओह, मेरी प्रेयसी

    सदा से दुर्जेय

    मेरे दयनीय

    उत्तरी ध्रुव

    मेरे बच्चे

    नाराज़ मत हो

    मेरे पास

    मुझे चूम और गले लग जा

    मैं नहीं नीचे उतर सकता।

    बहनो और भाइयो

    आँखो

    चश्मो

    दर्शको

    बड़ो और छोटो

    तुम

    मेरे कोमल

    और गंदे सूरज

    तुम्हारे बिना

    यह प्रदर्शन

    पूर्णतः कुछ नहीं है।

    इसलिए, भाइयो और बहनो

    इस अश्व-प्रशिक्षणशाला में आओ—

    हर एक।

    स्रोत :
    • पुस्तक : बल्गारियाई कविताएँ (पृष्ठ 147)
    • संपादक : रमेश कौशिक
    • रचनाकार : मिरयाना बाशेवा
    • प्रकाशन : पराग प्रकाशन
    • संस्करण : 1985

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