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अर्जीनामा

arjinama

दीप नारायण

दीप नारायण

अर्जीनामा

दीप नारायण

और अधिकदीप नारायण

    मी लॉर्ड!

    गीता पर हाथ राखि क' कहैत छी

    हम जे कहब सुप्पत कहब—

    आइ फेर अजीब तरहक

    घिघिएनाइकेँ स्वर आएल अछि

    हमरा लाइब्रेरीसँ...

    फेर शब्दकोशमे

    एकटा शब्दकेँ गरदनि मोकि

    क' देने छैक हत्या

    कतेको भेल अछि खूने-खुनाम

    तोड़ि देने छैक पैर हाथ कतेकोक

    मुह, कान, नाक, आँखि, कपार

    भसकल छैक।

    चौक-चौराहा, बाट-घाट,

    मन्दिर-मस्जिद

    मॉल हो वा सिनेमाघर

    रेलवे स्टेशन वा हाट-बाजार

    शब्दक संग कएल जाइत अछि दुर्व्यवहार।

    अर्थक अनर्थ भ' रहल अछि

    मी लॉर्ड!

    जेना, एही शब्दक अर्थ देख लेल जाउ हजूर

    लॉर्ड, माने भगवान

    कोनो मनुखकेँ भगवान सम्बोधित करब

    कतेक उचित अछि?

    कि ठीक-ठीक मेल खा रहल अछि एकर अर्थ शब्दकोशसँ।

    हत्या पर हत्या भ' रहल अछि शब्दकेँ

    एकटा नमहर असमसान होएबाक

    ओरिआओनमे अछि शब्दकोश

    आइ धरि एकहुँटा केश दर्ज नहि भेलैक शब्दक पक्षमे

    नहि भेलैक तैयार केओ दैक लेल गवाही

    कानसँ ठोकराइत अश्लील ध्वनि हमरा

    निन्नसँ जगा दैत अछि बेर-बेर।

    शब्द ककरो बपौती नहि अछि मी लॉर्ड!

    जे, जकरा जेना मन हेतैक

    तेना खेलेतैक शब्दक जीवनसँ...।

    हमर याचिका दर्ज कएल जाउ

    हमर न्यायक गुहारि पर विचार कएल जाउ

    मी लॉर्ड!

    हम कविता सुनब' नहि एलहुँ अछि

    हमरा केश दर्ज करेबाक अछि

    अपन पीढ़ी बचेबाक अछि हमरा।

    स्रोत :
    • पुस्तक : आब कतेक चुप रहू (मैथिली कविता-संग्रह) (पृष्ठ 123)
    • रचनाकार : दीप नारायण
    • प्रकाशन : राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली
    • संस्करण : 2021

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