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आप बड़ी सुंदर हैं

aap baDi sundar hain

ऐश्वर्या तिवारी

ऐश्वर्या तिवारी

आप बड़ी सुंदर हैं

ऐश्वर्या तिवारी

और अधिकऐश्वर्या तिवारी

    मैंने लिखी कविताएँ

    लोगों ने कहा—आप बड़ी सुंदर हैं;

    सबके बीच बनाई अपनी जगह,

    चढ़ी मंच पर,

    लोगों ने कहा—आप बड़ी सुंदर हैं;

    मैं लड़ती रही ताउम्र अपने अस्तित्व के लिए

    लोग कहते रहे—आप बड़ी सुंदर हैं;

    मैंने कहा देश ख़तरे में है

    उन्होंने कहा आप बड़ी सुंदर हैं,

    मैं चीख़ी, अरे चुप हो जा!

    वो ये बोलकर—आप बड़ी सुंदर हैं—हो गया चुप।

    अजीब विकलांग लोग हैं

    इनके दिमाग़ में रोग है ;

    स्त्रियाँ चला रहीं हैं देश

    जा रही हैं अंतरिक्ष में

    कर रहीं हैं आविष्कार

    पढ़ा रहीं हैं पीढ़ियाँ दर पीढ़ियाँ

    गढ़ रही है नया संसार

    इन्हें कुछ नहीं दिखता

    सिवाए इसके कि—आप बड़ी सुंदर हैं।

    कभी-कभी लगता है मुझे

    कविता छोड़ूँ

    और चश्में की दुकान खोल लूँ,

    मेरे समाज को बेहद ज़रूरत है

    कि कोई बनाए उनके लिए

    उनके दिमाग़ के नाप की बैसाखी

    और आँखों के नाप के चश्मे।

    या, बस परिचय बदलने से चल जाएगा काम शायद!

    कहूँगी—जी मेरा नाम फलाना है

    और मेरी चश्मे की दुकान है एक।

    स्रोत :
    • रचनाकार : ऐश्वर्या तिवारी
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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