आइ छात्रकेँ पड़ल प्रयोजन
aai chhatrken paDal prayojan
चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’
Chandranath Mishra 'Amar'
आइ छात्रकेँ पड़ल प्रयोजन
aai chhatrken paDal prayojan
Chandranath Mishra 'Amar'
चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’
और अधिकचन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’
आइ छात्रकेँ पड़ल प्रयोजन
माय-बापपर औडर चाही,
स्नो चाही आ पौडर चाही,
क्लीपे लागल ककबा चाही, चकबी संगहि चकबा चाही।
झाड़-फुनूस वृहत्तर चाही,
रेडीमेडे उत्तर चाही,
गेस-पेपरक मेला चाही, बुद्धिक ऊपर ठेला चाही।
पढ़ब-लिखबसँ छुट्टी चाही,
माछ-मांस दू बुट्टी चाही,
प्रति प्रश्नक इन्जेक्शन चाही, कोशिश हेतु कनेक्शन चाही।
किछु विद्रोही झण्डा चाही,
जलखै मुर्गी अण्डा चाही,
सगर नगर हुरदुंग मचाबऽ, लय कोनो हथकण्डा चाही।
ड्रेन पाइप ठढ़मुत्ता चाही,
किन्तु न तनमे बुत्ता चाही,
बँसबिट्टीक छुछुन्नरि-मुँह सन नोकबला ओ जुत्ता चाही।
आँखिक आन्हर वीक्षक चाही,
परम उदार परीक्षक चाही,
प्रथम-श्रेणी प्राप्त करऽ लय तीर्थ-भ्रमण लय हो संयोजन।
आइ छात्रकेँ यैह प्रयोजन।
- पुस्तक : चन्द्रनाथमिश्र ‘अमर’ रचना संचयन (पृष्ठ 325)
- संपादक : योगानन्द झा, शम्भुनाथ झा, विजयदेव झा
- रचनाकार : चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’
- प्रकाशन : साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली
- संस्करण : 2025
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