सभा में आम हाल के चर्चा जे आ गइल
sabha mein aam haal ke charcha je aa gail
ब्रजभूषण मिश्र
Brajbhushan Mishra
सभा में आम हाल के चर्चा जे आ गइल
sabha mein aam haal ke charcha je aa gail
Brajbhushan Mishra
ब्रजभूषण मिश्र
और अधिकब्रजभूषण मिश्र
सभा में आम हाल के चर्चा जे आ गइल
गजल में साँच बतिया अचके कहा गइल
चहुँओर शोर बा कि नया भोर आ रहल
अधरतिये बिना तेल दियरी बुता गइल
बान्हे के बान्ह अबहीं, होते रहल विचार
असों त फेरू बाढ़ में सब कुछ दहा गइल
उपजल अनाज एतना, उनकर छपल बयान
कई दिन कई रात भूखे सहा गइल
सद्भाव होखे कायम, समिति बा बन रहल
तबहीं त कतहीं केहू दंगा करा गइल
- पुस्तक : अचके कहा गइल [ग़ज़ल-संग्रह] (पृष्ठ 1)
- रचनाकार : ब्रजभूषण मिश्र
- प्रकाशन : कबीर भोजपुरी पुस्तकालय, मुजफ्फरपुर
- संस्करण : 1992
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