Font by Mehr Nastaliq Web

सभा में आम हाल के चर्चा जे आ गइल

sabha mein aam haal ke charcha je aa gail

ब्रजभूषण मिश्र

ब्रजभूषण मिश्र

सभा में आम हाल के चर्चा जे आ गइल

ब्रजभूषण मिश्र

और अधिकब्रजभूषण मिश्र

    सभा में आम हाल के चर्चा जे गइल

    गजल में साँच बतिया अचके कहा गइल

    चहुँओर शोर बा कि नया भोर रहल

    अधरतिये बिना तेल दियरी बुता गइल

    बान्हे के बान्ह अबहीं, होते रहल विचार

    असों फेरू बाढ़ में सब कुछ दहा गइल

    उपजल अनाज एतना, उनकर छपल बयान

    कई दिन कई रात भूखे सहा गइल

    सद्भाव होखे कायम, समिति बा बन रहल

    तबहीं कतहीं केहू दंगा करा गइल

    स्रोत :
    • पुस्तक : अचके कहा गइल [ग़ज़ल-संग्रह] (पृष्ठ 1)
    • रचनाकार : ब्रजभूषण मिश्र
    • प्रकाशन : कबीर भोजपुरी पुस्तकालय, मुजफ्फरपुर
    • संस्करण : 1992

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY