मैथिलीकेँ मैथिले किछु दाबि रहल छै
maithiliken maithile kichhu dabi rahal chhai
कलानन्द भट्ट
Kalanand Bhatt
मैथिलीकेँ मैथिले किछु दाबि रहल छै
maithiliken maithile kichhu dabi rahal chhai
Kalanand Bhatt
कलानन्द भट्ट
और अधिककलानन्द भट्ट
मैथिलीकेँ मैथिले किछु दाबि रहल छै
ठाढ़ भऽ गाछ तर ठारि पाँगि रहल छै
देखू इतिहास, आकाश देखलासँ की
चोर खिड़कीसँ घरकेँ निहारि रहल छै
मौका आयल ने घोखामे क्यो जन पड़ू
पीठ पाछाँ ओ छुरा उसाहि रहल छै
मातृभाषा मधुर माय केर दूध सन
युग-युगसँ मनुक्ख गीत गाबि रहल छै
जँ चुकब तँ चुकब हम अधिकारसँ
बिनु झगड़ने ने क्यो हक पाबि रहल छै
- पुस्तक : कान्ह पर लहास हमर [मैथिली गजल संग्रह] (पृष्ठ 25)
- रचनाकार : कलानन्द भट्ट
- प्रकाशन : किसुन संकल्प लोक, सुपौल
- संस्करण : 1983
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