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एगो मूरत दिखा गइल केहू

ego murat dikha gail kehu

ब्रजभूषण मिश्र

ब्रजभूषण मिश्र

एगो मूरत दिखा गइल केहू

ब्रजभूषण मिश्र

और अधिकब्रजभूषण मिश्र

    एगो मूरत दिखा गइल केहू

    हमरा आँखिन समा गइल केहू

    प्रीत होला का, नेह का होला

    सेहू बतिया बता गइल केहू

    थीर जल में लहर उठे लागल

    चुपके पत्थर चला गइल केहू

    बीख बखरा में मिल गइल हमरा

    हमके शंकर बना गइल केहू

    गीत रचहीं में उम्र बीत गइल

    बान अइसन लगा गइल केहू

    स्रोत :
    • पुस्तक : समय के राग (पृष्ठ 72)
    • संपादक : जगन्नाथ, भगवती प्रसाद द्विवेदी
    • रचनाकार : ब्रजभूषण मिश्र
    • प्रकाशन : भोजपुरी साहित्य प्रतिष्ठान, पटना
    • संस्करण : 2003

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