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नेह-कथा

neh katha

विभूति आनंद

विभूति आनंद

नेह-कथा

विभूति आनंद

और अधिकविभूति आनंद

    एक ठोर दोसर ठोर

    आपसमे सिहकल

    तखने जनु नेहक इतिहास लिखा गेल

    मोन केर चौरापर

    धूपबती लतरि गेल

    टीस कने बढ़ल, आ

    सगर देह पसरि गेल

    इच्छा केर डेग मने

    आर कने चतरल

    तखने जनु नेहक इतिहास लिखा गेल

    साँसक गंगाजलमे

    अंग कते सिक्त भेल

    व्यापक अनुशासनमे

    मोन कते तिक्त भेल

    रूपक मलयानिलमे

    नयन कने थिरकल

    तखने जनु नेहक इतिहास लिखा गेल

    आबेसक थारीमे

    चान-गाम उतरि गेल

    जानि नहि कोनाकऽ

    कथी-की ससरि गेल

    गुड्डी केर ताग भने

    आर कने ससरल

    तखने जनु नेहक इतिहास लिखा गेल

    स्रोत :
    • पुस्तक : पीयर रौद पियरगर धरती (गीत-संग्रह) (पृष्ठ 24)
    • रचनाकार : विभूति आनन्द
    • प्रकाशन : नवारम्भ, पटना/मधुबनी
    • संस्करण : 2018

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