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मिठका दुलार दऽ दियऽ

mithka dular daऽ diyऽ

छत्रानन्द सिंह झा

छत्रानन्द सिंह झा

मिठका दुलार दऽ दियऽ

छत्रानन्द सिंह झा

और अधिकछत्रानन्द सिंह झा

    कने मिसरी-सन मिठका दुलार दऽ दिअऽ!

    हमर जिनगी उजाड़ अछि,

    बहार दऽ दिअऽ!

    अहाँक टिकुली बुझाय जेना

    सुरुज-लालिमा,

    अहाँ हँसि दी तँ उगि जाय

    अकास चनरमा,

    हमर दगधल हियामे उछाह दऽ दिअऽ!

    कने मिसरी-सन मिठका दुलार दऽ दिअऽ!

    बाट तकिते पथरा गेल

    हमर नयना

    दूसय मुँहो सदा

    हमर अयना

    हमर गरदनिमे बाँहिक ग्रिमहार दऽ दिअऽ!

    कने मिसरी-सन मिठका दुलार दऽ दिअऽ!!

    हमर आशाक टेमी

    ममरिया रहल

    दिन-दिन बीतल,

    हमर नहि आशा पुरल

    आसक टेमी बरय, स्नेह धार दऽ दिअऽ!

    कने मिसरी-सन मिठका दुलार दऽ दिअऽ!!

    स्रोत :
    • पुस्तक : एक गुलाबक लेल (पृष्ठ 23)
    • रचनाकार : छत्रानन्द सिंह झा
    • प्रकाशन : नीलकण्ठ प्रकाशन, पटना
    • संस्करण : 1988

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