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करब ककरा लए सोलह सिंगार

karab kakra le solah singar

अमित पाठक

अमित पाठक

करब ककरा लए सोलह सिंगार

अमित पाठक

और अधिकअमित पाठक

    करब ककरा लए सोलह सिंगार

    विरान भेल मोन अँगना

    जानि की छन्हि हुनकर विचार

    ने अयला किएक सजना

    करब ककरा लए...

    ने तऽ झगड़ा नहि उकटा-पैंची भेलै

    कोनो गहना वा आर किछु ने माँगब छलै

    नहि करेलियनि कोनो हम करार

    ने अयला किएक सजना

    करब ककरा लए...

    कतेक सुन्नर भोरे विदा लऽ गेला

    साँझे घुरिकऽ अबै छी कहि गेल छला

    केहेन नोकरी बथेलनि कपार

    ने अयला किएक सजना

    करब ककरा लए...

    फोन घण्टी कते कान पऽड़ल हेतन्हि

    नजरि व्हाट्सएप पर कै बेर गऽड़ल हेतन्हि

    मुदा कयलनि ने बात-बेवहार

    ने अयला किएक सजना

    करब ककरा लए...।

    स्रोत :
    • पुस्तक : गीत-गगन (पृष्ठ 74)
    • रचनाकार : अमित पाठक
    • प्रकाशन : नवारम्भ
    • संस्करण : 2024

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