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जारी भइल नयका एलनवां, जबनवां प लागी अब ताला

jari bhail nayka elanvan, jabanvan pa lagi ab tala

विजेन्द्र अनिल

विजेन्द्र अनिल

जारी भइल नयका एलनवां, जबनवां प लागी अब ताला

विजेन्द्र अनिल

और अधिकविजेन्द्र अनिल

    जारी भइल नयका एलनवां, जबनवां लागी अब ताला।

    बढ़वा में पंवरऽ अकलवा में नाचऽ

    जोजना के गीत लिखऽ ओकरे के बांचऽ

    महंगी के कर मत बखनवां, जबनवां लागी अब ताला।

    कह जनि कि नेता लोग चोर बटमरवा

    कह जनि कि बरदी करेले अत्याचरवा

    आबरू लुटेला बलवनवां, जबनवां लागी अब ताला।

    सुहराव तरवा मिली बड़ दरजा

    आँखि, कान, मुँह खोले, कइसनऽ परजा

    करऽ महरानी के भजनवां, जबनवां लागी अब ताला।

    गंउआ में गोली चले, कहि कि फूल हऽ

    झोपड़ी में आगि लागे कहि रूल हऽ

    देखऽ मति कवनो सपनवां, जबनवां लागी अब ताला।

    सभ अखवार अब होई सरकारी

    कलम के धरवा के तूरे के तेआरी

    जुलुम के छपी बेयनवां, जबनवां लागी अब ताला।

    जारी भइल नयका एलनवां, जबनवां लागी अब ताला।

    स्रोत :
    • पुस्तक : हम कबीर के बानी (चयन : अरविन्द कुमार) (पृष्ठ 57)
    • रचनाकार : विजेन्द्र अनिल
    • प्रकाशन : संरचना प्रकाशन, आरा
    • संस्करण : 2009

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