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अइसन करेजऊ के कइसे के बिसारीं हो

aisan karejuu ke kaise ke bisarin ho

महेन्द्र मिसिर

महेन्द्र मिसिर

अइसन करेजऊ के कइसे के बिसारीं हो

महेन्द्र मिसिर

और अधिकमहेन्द्र मिसिर

    (पूरबी)

    (कृष्ण-वियोग)

    अइसन करेजऊ के कइसे के बिसारीं हो

    दरदिया देके ना,

    स्याम मथुरा परइले हो दरदिया दे के ना।

    रहि रहि उठे टीस मनवाँ में होखे खीस

    अइसन सुरतिया लेके कहाँ चलि गइले हो

    दरदिया दे के ना। स्याम...

    पीयर भइल देह, काहें के लगवले नेह

    हम सभ सखियन के काहें तड़पवले हो

    दरदिया दे के ना। स्याम...

    कवन हमसे भइल चूक, स्याम हमसे गइले रूस

    हमनीं के नइया स्याम बीचहीं डुबवले हो

    दरदिया देके ना। स्याम...

    स्याम देइ गइले हूक, दिल भइल लाख टूक

    कहत महेन्दर, स्याम जियते जरवले हो

    दरदिया दे के ना।

    स्याम मथुरा परइले हो दरदिया दे के ना।

    स्रोत :
    • पुस्तक : महेन्द्र मिसिर के चुनिंदा भोजपुरी गीत (पृष्ठ 28)
    • संपादक : भगवती प्रसाद द्विवेदी
    • रचनाकार : महेन्द्र मिसिर
    • प्रकाशन : सर्व भाषा ट्रस्ट, नई दिल्ली
    • संस्करण : 2021

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