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अहाँ गबियो ने ओ गीत

ahan gabiyo ne o geet

अशोक कुमार मेहता

अशोक कुमार मेहता

अहाँ गबियो ने ओ गीत

अशोक कुमार मेहता

और अधिकअशोक कुमार मेहता

    अहाँ गबियौ ने फेरसँ गीत,

    मनमे जे प्रीति जगबए।

    अहाँ बूनू एहन संगीत,

    तनक जे पीत भगबए॥

    लागै नइ नीक छी हे विधुवदना

    छोट-छोट बात पर बनू ने रुसना

    आउ संग-संग करी एहन काज

    दुःखकेँ जे अतीत बनबए।

    शरदक साँझ अहाँ, फागुन केर भोर

    पूसक रातिमे छी धधकैत अङोर

    खेल खेली एहन आइ मीत

    हारिमे जे जीत रचबए।

    खटमिट्ठी जीवनक अजबे पिहानी

    रही बनल हमसभ राजा रानी

    बनियौ प्रेमक एहन पंडीत

    जगकेँ जे रीति बतबए॥

    स्रोत :
    • पुस्तक : पंछी बनी गगन केर… (मैथिली गीत-संग्रह) (पृष्ठ 101)
    • रचनाकार : अशोक कुमार मेहता
    • प्रकाशन : अनुप्रास प्रकाशन, मधुबनी
    • संस्करण : 2024

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