पंजाब के रचनाकार

कुल: 19

नई कहानी दौर के प्रसिद्ध कथाकार। नाट्य-लेखन के लिए भी प्रख्यात। संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित।

पाश

1950 - 1988

पंजाब के लोकप्रिय क्रांतिकारी-कवि। वाम आंदोलनों से संबद्धता। खालिस्तानी आतंकियों द्वारा हत्या।

यशपाल

1903 - 1976

समादृत कथाकार-उपन्यासकार। भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम के प्रसिद्ध क्रांतिकारी। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

साठोत्तरी पीढ़ी के सुप्रसिद्ध गद्यकार। संपादक के रूप में उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवयित्री और अनुवादक। गद्य-लेखन में भी सक्रिय।

नागरी प्रचारिणी सभा के संस्थापक सदस्य और सभापति। भारतेंदु युग में साहित्यिक योगदान के लिए उल्लेखनीय।

रामानंद के बारह शिष्यों में से एक। जाति-प्रथा के विरोधी। सैन समुदाय के आराध्य।

सिक्ख धर्म के तीसरे गुरु और आध्यात्मिक संत। जातिगत भेदभाव को समाप्त करने और आपसी सौहार्द स्थापित करने के लिए 'लंगर परंपरा' शुरू कर 'पहले पंगत फिर संगत' पर ज़ोर दिया।

भक्तिकालीन कवि। 'भाषा हनुमन्नाटक' नामक पद्य नाटक के लिए स्मरणीय।

सुपरिचित कवि, दार्शनिक और अनुवादक। बाल-साहित्य में भी उल्लेखनीय योगदान

नई पीढ़ी के कवि-लेखक और अनुवादक।

सुपरिचित कवयित्री-कथाकार और अनुवादक। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

हिंदी और अँग्रेज़ी दोनों में लेखन। सिनेमा में रुचि, शोध और निर्माण।

आदिग्रंथ को सबसे पहले इन्होंने लिपिबद्ध किया। संस्कृत, ब्रजी, पंजाबी और फ़ारसी के ज्ञाता। इनके द्वारा हिंदी भाषा में रचित कवित-सवैयों को गुरु अर्जुनदेव ने 'गुरुबानी की कुंजी' कहा है।

समादृत कथाकार-नाटककार। ‘एक पति के नोट्स’ उल्लेखनीय कथा-कृति।

हिंदी की प्रसिद्ध साहित्यकार। दलित और आदिवासी संवेदना के लिए उल्लेखनीय। ‘युद्धरत आम आदमी’ के संपादन के लिए भी चर्चित।

सुपरिचित कवि-लेखक।

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