पुष्पांजलि के बेला
‘अर्थात्’ की सातवीं कड़ी : कुँवर नारायण की कविता में भारतीय आधुनिकता का वैकल्पिक आख्यान
ध्यातव्य है कि यह वर्ष कुँवर नारायण की जन्मशताब्दी का वर्ष है। इसी उपलक्ष्य में ‘अर्थात्’ की सातवीं गोष्ठी आयोजित की गई, जिसके तहत कविता के बहाने मनुष्य को समझने का प्रयास शामिल था। इस कड़ी में कुँ