Font by Mehr Nastaliq Web

स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

वस्तुओं के बारे में सोचने से मनुष्य में उनके प्रति आसक्ति उत्पन्न होती है। आसक्ति से लालसा उत्पन्न होती है, और लालसा से क्रोध उत्पन्न होता है।