वास्तव में किसी संग्रह को हासिल करने का सबसे ठीक तरीका उसे उत्तराधिकार में पाना है। क्योंकि संपत्ति के प्रति किसी संग्राहक की प्रवृत्ति ‘पूंजी के प्रति मालिक की जिम्मेदारी की भावना’ से पनपती है अतः सर्वश्रेष्ठ अर्थ में, यह किसी उत्तराधिकारी की प्रवृत्ति ही है कि किसी संग्रह का अत्यंत विशिष्ट लक्षण प्रायः उसकी हस्तांतरणीयता होता है।
अनुवाद :
इंदु प्रकाश कानूनगो