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श्याम मनोहर के उद्धरण

श्रेष्ठ कविता सृष्टि, विश्व-जीवन में जो अज्ञात है, ऐसा कुछ तो खोज है। यही कविता की अंतर्वस्तु है।

अनुवाद : निशिकांत ठकार