महात्मा गांधी के उद्धरण
शरीर से रोगग्रस्त होते हुए भी आध्यात्मिक दृष्टि से वह पूर्ण स्वस्थ होता है; भौतिक दृष्टि से ग़रीब होते हुए भी आध्यात्मिक दृष्टि से वह पूर्ण संपन्न होता है।
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