Font by Mehr Nastaliq Web

नामवर सिंह के उद्धरण

सम्प्रदायवाद सामन्तवाद का ही एक अस्त्र है और मध्यकालीन संत कवियों का सम्प्रदायवाद-विरोध, उनके व्यापक सामन्तवाद-विरोधी संघर्ष का ही एक अंग है।