Font by Mehr Nastaliq Web

गैब्रिएला मिस्ट्राल के उद्धरण

रात अपने आप से भरी हुई है, अपने आप में विस्तृत है और अपने आप में जीवंत है।

अनुवाद : गार्गी मिश्र

  • संबंधित विषय : रात