पुरुषोपसृप्तक प्रक्रिया अर्थात जब पुरुष सामान्य रूप से संभोग-क्रिया में संलिप्त हो—दो चरणों में होती है। प्रथमतः नायक द्वारा नायिका को प्रेमभरी बातों को समझाना चाहिए, नीवी की गाँठें खोलनी चाहिए, आलिंगन-चुबंन करना चाहिए और आपस में प्रेमोचित-विवाद करना चाहिए ताकि नायिका कामोत्तेजित हो जाए। इसके उपरांत दूसरे चरण में नायक को नायिका के स्तन, योनि, नितंब आदि का स्पर्श कर, फिर संभोग में प्रवृत्त होना चाहिए।