Font by Mehr Nastaliq Web

तिरुवल्लुवर के उद्धरण

पिता के प्रति पुत्र का प्रत्युपकार लोगों से यह कहलाना ही है कि न मालूम इसके पिता ने ऐसे पुत्र की प्राप्ति के लिए कैसा तप किया।