Font by Mehr Nastaliq Web

गणेश शंकर विद्यार्थी के उद्धरण

पराई भाषा चरित्र की दृढ़ता का अपहरण कर लेती है, मौलिकता का विनाश कर देती है और नक़ल करने का स्वभाव बना करके, उत्कृष्ट गुणों और प्रतिभा से नमस्कार करा देती है।