विपरीत रति प्रक्रिया के तहत नायिका अपने बालों में लगे फूलों को बिखेरती हुई, श्वास-प्रश्वास से विच्छिन्न हँसी हँसती हुई, नायक के मुख को चूमने के लिए अपने स्तनों से नायक के वक्षःस्थल को दबाती हुई, बार-बार सिर को झुकाती हुई ‘जो-जो चेष्टाएँ नायक ने पहले की थीं’ उन सभी चेष्टाओं को करे और ताना मारती हुई, हँसी उड़ाती हुई, धमकाती हुई तथा प्रहार (प्रहणन) करती हुई इस प्रकार नायक से कहे कि ‘तुमने पहले मुझे नीचे गिराया था, अब मैं भी तुझे नीचे पटकती हूँ।’ फिर लज्जा प्रदर्शित करते हुए थक जाने का बहाना कर विश्राम करने की इच्छा करे, फिर नायक पर अपना प्रेम प्रदर्शित करे ।