लोहा भले ही गरम हो जाए, परंतु हथौड़े को तो ठंडा ही रहना चाहिए। हथोड़ा गरम हो जाए तो अपना ही हत्था जला देगा। आप ठंडे ही रहिए। कौन-सा लोहा गरम होने के बाद ठंडा नहीं होता? कोई भी राज्य प्रजा पर कितना ही गरम क्यों न हो जाए, उसे अंत में ठंडा होना ही पड़ेगा।