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महात्मा गांधी के उद्धरण

कुछ साल पहले देहात के लोग अपने रोजमर्रा कि इस्तेमाल की चीज़ें तो ख़ुद बना लेते ही थे, छोटे कस्बों के रहने वाले भी अपने रोज के काम की बहुत-सी चीज़ों के लिए उनके ही मुहताज थे।