Font by Mehr Nastaliq Web

आचार्य रामचंद्र शुक्ल के उद्धरण

कोरी नवीनता केवल मरे हुए आंदोलनों का इतिहास छोड़ जाए तो छोड़ जाए, कविता नहीं खड़ी कर सकती।