कबीरदास में जो रहस्यवाद पाया जाता है; वह अधिकतर सूफ़ियों के प्रभाव के कारण, पर कबीरदास पर इस्लाम के कट्टर एकेश्वरवाद और वेदांत के मायावाद का रूखा संस्कार भी पूरा-पूरा था। उनमें वाक्चातुर्य था; प्रतिभा थी, पर प्रकृति के प्रसार में भगवान् की कला का दर्शन करनेवाली भावुकता न थी।