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महात्मा गांधी के उद्धरण

जिसे हम नहीं समझ सकते वह ग़लत ही है, यह मानने की जल्दबाज़ी करना भूल है। कितनी ही बातें पहले समझ में नहीं आती थीं, वे आज दीपक की तरह दिखाई देती हैं।