Font by Mehr Nastaliq Web

वात्स्यायन के उद्धरण

जब नायक निम्न कोटि की अधम् दासियों अथवा परिचारिकाओं के साथ; स्खलित होने तक संभोग में रत रहता है, तो उसे 'पोटारत' कहते हैं।