हमारे यहाँ लड़के का बाप दाँत निपोरकर, बेशर्मी का संकोच करते हुए लड़की के बाप से कहता है, 'कौन हम माँगते हैं आपसे, जो देंगे अपनी लड़की को ही तो देंगे। हम भी आधुनिक विचारों के हैं। हम भी प्रगतिशील हैं। मगर धर्म थोड़े ही छोड़ा जाता है, बाप-दादों की रीति है।'