'गीता' में आए हुए महान् शब्दों के अर्थ प्रत्येक युग में बदलेंगे और व्यापक बनेंगे। परंतु 'गीता' का मूल-मंत्र कभी नहीं बदलेगा। यह मंत्र जिस रीति से जीवन में साधा जा सके, उस रीति को दृष्टि में रखकर जिज्ञासु 'गीता' के महा-शब्दों का मनचाहा अर्थ कर सकता है।