Font by Mehr Nastaliq Web

मनोहर श्याम जोशी के उद्धरण

गद्य में भले ही रघुवीर बारीक-बयानी के चक्कर में कहीं-कहीं 'अज्ञेय' हो जाता हो, पद्य उसने हमेशा बोलचाल की भाषा, विन्यास और लय में लिखा।