एक मौलिक खोज से व्यावहारिक उपयोग तक कितना लंबा चलना होगा, यह बहुत अस्थिर और अप्रत्याशित है। न्यूटन के गति के नियमों को रॉकेट और उपग्रहों में इस्तेमाल के लिए तीन सदियाँ लग गईं। आइंस्टीन के सापेक्षता के सिद्धांत को जीपीएस प्रणाली में प्रयोग करने में सौ साल से ज़्यादा का समय लगा। आज इसके माध्यम से हमारा फ़ोन हमें नक़्शे से बता देता है कि हम कहाँ हैं। न तो न्यूटन, न ही आइंस्टीन को दूर तक यह आभास था कि उनकी खोजों का इस तरह इस्तेमाल किया जाएगा।