Font by Mehr Nastaliq Web

विनोबा भावे के उद्धरण

ब्रह्मांड में जो है; वह सब तो साहित्यिकों की वाणी में आता ही है, परंतु जो ब्रह्मांड में नहीं है—वह भी साहित्यिकों की वाणी में आता है।