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वात्स्यायन के उद्धरण

बहुत से लोगों के साथ; अनेकों बार संभोग कर चुकी स्त्री के उत्तम वर्ण की होने पर भी, उसके साथ अभिगमन करना (सम्भोग) वेश्यागमन के समान धर्मविरुद्ध नहीं है।