बाल भगवान
लड़का पेड़ के नीचे बैठा है कि धूप से बच जाए। लेकिन पेड़ की टहनियाँ बिल्कुल नंगी, न पत्ते, और न ही कोंपलें। हालाँकि मौसम बरसात का था और बरसात इस साल भी नहीं हुई, जैसे पिछले साल भी नहीं हुई थी। लंबी टहनियों के साये भी थोड़ी दूर तक पड़ रहे थे, मोटी-मोटी