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दूलनदास

1660 - 1778 | लखनऊ, उत्तर प्रदेश

रीतिकालीन संधि कवि। सतनामी संप्रदाय से संबद्ध। जगजीवनदास के शिष्य। भाषा में भोजपुरी का पुट।

रीतिकालीन संधि कवि। सतनामी संप्रदाय से संबद्ध। जगजीवनदास के शिष्य। भाषा में भोजपुरी का पुट।

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aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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