पंजाब के रचनाकार

कुल: 17

पंजाबी की लोकप्रिय कवयित्री-लेखिका। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

हिंदी के प्रथम महाकवि। वीरगाथा काल से संबद्ध। ‘पृथ्वीराज रासो’ कीर्ति का आधार-ग्रंथ।

अत्यंत लोकप्रिय गीतकार और फ़िल्मकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

‘तू ज़िंदा है तो ज़िंदगी की जीत में यक़ीन कर...’ के रचयिता और लोकप्रिय गीतकार। सिनेमा और प्रगतिशील आंदोलन से संबद्ध।

सिक्ख धर्म के आदिगुरु। भावुक और कोमल हृदय के गृहस्थ संत कवि। सर्वेश्वरवादी दर्शन के पक्षधर।

सुप्रसिद्ध हास्य कवि।

'अकविता' आंदोलन के दौर की हिंदी की प्रमुख और श्रेष्ठ कवयित्री। 'महाभिनिष्क्रमण' (1992) और 'सोच को दृष्टि दो' (1995) शीर्षक दो कविता-संग्रह प्रकाशित।

सिक्ख धर्म के चौथे गुरु। अमृतसर के संस्थापक।

कृष्ण-भक्ति के संत कवि। सुकोमल भाषा और विलक्षण भाव-वर्णन के लिए स्मरणीय।

सुपरिचित कवि-उपन्यासकार और अनुवादक।

‘अकविता’ आंदोलन के समय उभरे हिंदी के चर्चित कवि।

हिंदी कविता के आठवें दशक में उभरे सुपरिचित कवि-आलोचक।

सुपरिचित कवयित्री और कथाकार। अनुवाद-कार्य और संपादन में भी सक्रिय।