Font by Mehr Nastaliq Web

यही तो था

yahi to tha

ममता धवन

ममता धवन

यही तो था

ममता धवन

और अधिकममता धवन

    संवेदनाओं के मर जाने पर

    मर जाते हैं रिश्ते।

    नए रिश्ते जन्म लेते हैं

    इन्हीं संवेदनाओं के आधार पर…

    जहाँ शब्दों की

    खास आवश्यकता नहीं होती।

    शब्द से अधिक महत्वपूर्ण है

    अनुभूतियाँ।

    अनुभूतियों को शब्द देना

    कठिन हो जाता है।

    शब्द से परे

    ये अनुभूतियाँ अपनी जगह बनाए रखती हैं।

    प्रश्नों में खो जाते हैं

    वो तमाम रिश्ते

    जिन्होंने

    मौन संवेदनाओं पर

    तीखे काँच से प्रहार किया

    घोंटा गला कोमल भावनाओं का

    जीवन रिश्तों से नहीं

    संवेदनाओं से चलता है॥

    स्रोत :
    • रचनाकार : ममता धवन
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY